शुक्रवार, 6 मई 2011

कुछ रोग तो माँसाहारियों के लिए आरक्षित है.

"नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। बीते दिनों वैज्ञानिकों ने बताया कि मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारी लोगों को कैंसर का खतरा कम होता है। दुनिया भर के पांच फीसदी शाकाहारी लोगों के लिए यह शर्तिया एक अच्छी खबर थी। लेकिन क्या सचमुच शाकाहार में ही सारे फायदे निहित हैं? । कई बीमारियों में शाकाहारी होना फायदेमंद है। कहां किसको है फायदा और किसे नुकसान, आइये डालते हैं एक नजर..

[आर्थराइटिस]

खतरा : मांसाहारी को

जोड़ों में आयरन के इकट्ठा होने से आर्थराइटिस होता है। चूंकि मीट में आयरन की मात्रा ज्यादा होती है। लिहाजा मांस का सेवन करने वालों में आर्थराइटिस का खतरा ज्यादा होता है।

 
[गालब्लैडर की पथरी]

खतरा : मांसाहारी को

गालब्लैडर की पथरी तब हो जाती है जब ब्लैडर से निकलने वाला बाइल, जो आमतौर पर तरल होता है, सख्त हो जाता है। यह आहार में बहुत ज्यादा सैचुरेटेड वसा लेने के कारण होता है। इस तरह की वसा माँस में ही अधिक पायी जाती है। लिहाजा, मांसाहारियों को गालब्लैडर की पथरी का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

 [अल्जाइमर्स]

खतरा : मांसाहारी को

माना जाता है कि अल्जाइमर्स का मुख्य कारण मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्सों में बीटा-अमाइलायड प्रोटीन का जमना है। फल और सब्जियों में मौजूद ‘पालीफिनाल’ इस प्रोटीन को जमने से रोकते हैं। इसलिए मांसाहारियों की तुलना में अल्जाइमर्स का खतरा शाकाहारियों को कम होता है।

12 टिप्‍पणियां:

  1. आपका लेख ज्ञानवर्धक है.सुन्दर जानकारी प्रस्तुत करने के लिए बहुत बहुत आभार सुज्ञ जी.
    काश! हम सभी को सद्बुद्धि मिले और शाकाहार को अपना अपने तन और दोनों को पवित्र करते हुए निरीह जानवरों की हत्या से भी बचे रहें हम.

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  2. सुन्दर जानकारी प्रस्तुत करने के लिए बहुत बहुत आभार|

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  3. SUGYA JI, आर्थराइटिस EVAM गालब्लैडर की पथरी MERE EK DOST KI MAAN KO HUYE HAIN, JABKI VI PYAJ BHI NAHI KHAATEEN. गालब्लैडर की पथरी JYADATAR MAHILAAON KO HOTI HAI (ISMEN VRAT AUR ROZON KA BADA YOGDAN HAI), BHOJAN KI ANIYMITTA KE KARAN AUR आर्थराइटिस KI SAMASYA ADHIK WAHAN WALON KO AKSAR HOTI HAI.
    ............
    ब्लॉdग समीक्षा की 13वीं कड़ी।
    भारत का गौरवशाली अंतरिक्ष कार्यक्रम!

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  4. लेख का शीर्षक अच्छा लगा..
    अरे भई...बीमारियों में बिस्तरीय आराम का १०० प्रतिशत आरक्षण भी आमिषों को मिल जाये तो उफ़ न करेंगे....
    हमपर तो शाकाहार में मिलावट करने वालों की ही कृपा बनी रहती है. ... सुना है मिलावटखोर शाकाहारियों के विश्वास के साथ घात करने पर उतारू हो चुके हैं. ... ज़रा सतर्क रहने की ज़रुरत है..
    यदि किसी दाल-भात खाने वाले को कोई बीमारी हो जाये तो 'निर्दोष शाकाहार' को बदनामी झेलनी पड़े. ... असली दोषी कहीं मिलावट चरबीयुक्त घी तेल आदि हों!
    सुज्ञ जी एक श्रेष्ठ लेख के लिये बधाई.

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  5. बहुत सुंदर व् सार्थक पोस्ट लिखी आपने ...........

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  6. बहुत बहुत आभार सुज्ञ जी,लेख ज्ञानवर्धक है और उपयोगि ह

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  7. बहुत उपयोगी जानकारी दी है|
    बधाई
    आशा

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  8. बहुत सुंदर व् सार्थक पोस्ट लिखी आपने ...........

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  9. nice your blog,,,,
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