शुक्रवार, 15 मई 2015

निरामिष पर विशेष लेखों की कडीयाँ


(6) तर्कसंगत-विकल्प (सर्वांग न्यायसंगत) 
  1. प्रागैतिहासिक मानव, प्राकृतिक रूप से शाकाहारी ही था। 
  2. मनुष्य की सहज वृति और उसकी कायिक प्रकृति दोनो ही शाकाहारी है।
  3. मानव शरीर संरचना शाकाहार के ही अनुकूल। 
  4. शाक से अभावग्रस्त, दुर्गम क्षेत्रवासी मानवो का अनुकरण मूर्खता!!
  5. सभ्यता व विकास मार्ग का अनुगमन या भीड़ का अंधानुकरण? 
  6. यदि अखिल विश्व भी शाकाहारी हो जाय, सुलभ होगा अनाज!!
  7. भुखमरी को बढाते ये माँसाहारी और माँस-उद्योग!!
  8. शाकाहार में भी हिंसा? एक बड़ा सवाल !!! 
  9. प्राणी से पादप : हिंसा का अल्पीकरण करने का संघर्ष भी अपने आप में अहिंसा है। 
  10. प्रोटीन प्रलोभन का भ्रमित दुष्प्रचार।
  11. प्रोटीन मात्रा, प्रोटीन यथार्थ
  12. विटामिन्स का दुष्प्रचार।
  13. विटामिन बी12, विटामिन डी, विटामिन 'सी'।
  14. उर्ज़ा व शक्ति का दुष्प्रचार। 

शनिवार, 7 मार्च 2015

गौमांस निषेध को अपना समर्थन दीजिए………

सात आसान चरण गाय को गौमांस का सामान बनने से बचाने के लिए...


1. Visit the link :

2. Click 'Yes'

3. Click 'Submit'

4. Come back to this post

5. Copy the descriptive text you're reading

6. Share this post at your wall, friends' walls, pages & groups; pasting the same text you just copied inside the text box

7. Done !


http://m.rediff.com/news/report/poll-do-you-agree-with-maharashtra-govts-decision-to-ban-beef/20150303.htm?src=whatsapp&pos=news